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Nelson Mandela | Nelson Mandela Facts | Nelson Mandela से जुड़े अनोखे तथ्य

◆नेल्सन मंडेला अंतर्राष्ट्रीय दिवस -

 नेल्सन मंडेला Nelson Mandela अंतरराष्ट्रीय दिवस प्रत्येक वर्ष 18 July को दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के जन्म दिन की यादगार के रूप में मनाया जाता है । नेल्सन मंडेला Nelson Mandela दक्षिण अफ्रीका के प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति Black President थे। इससे पहले साउथ अफ्रीका में कई कुरीतियां, एवं भेदभाव की परंपराएं थी।
 
        सदियों से रंगभेद के आधार पर लोगों के बीच जो भेदभाव की जड़े मजबूत हो गयी थी, राष्ट्रपति बनने से पूर्व नेल्सन मंडेला Nelson Mandela ने सदियों से चलते आ रहे रंगभेद प्रथा का विरोध किया ओर इन्होंने इस पर कामयाबी भी प्राप्त की।

    नेल्सन मंडेला ने कई वर्षों तक संघर्ष किया तथा इनको सफलता भी मिली । नेल्सन मंडेला nelson Mandela साउथ अफ्रीका South Africa एवं पूरे विश्व में रंगभेद का विरोध करने के प्रतीक बन गये। लोगों के बीच भेदभाव को हटाने तथा लोगों को समझाने में उनका पूरे विश्व में महत्वपूर्ण योगदान रहा। नेल्सन मंडेला Nelson Mandela ने लोगों को समाज मे बिना भेदभाव के साथ रहना सिखाया। जिसके चलते संयुक्त राष्ट्र संघ ने उनके जन्मदिन को नेल्सन मंडेला अंतरराष्ट्रीय दिवस Nelson Mandela international Day के रूप में मनाने का निर्णय लिया।

◆नेल्सन मंडेला का जीवन-

नेल्सन मंडेला का जन्म 18 जुलाई 1918 को म्वेजो,ईस्टर्न केप दक्षिण अफ्रीका में हुआ। उनके पिता का नाम गेडला हेनरी म्फ़ाकेनिस्वा तथा माता का नाम नेक्यूफी नोसकेनी था । नेल्सन मंडेला के पिता उनके कस्बे के मुखिया (Head) अथवा सरदार थे। उनके पिता ने मंडेला Madela का नाम रोलीह्लला रखा जिसका मतलब शरारती बच्चा Sitter Baby होता है।
Nelson Mandela | Nelson Mandela Facts | Nelson Mandela से जुड़े अनोखे तथ्य
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    लेकिन वहाँ सरदार के बेटे को मंडेला कहा जाता था जिससे उन्हें अपना उपनाम मिला। उनका जन्म एक अश्वेत परिवार Black Family में हुआ जिसके कारण उन्हें बचपन से ही काफी समस्याओं से जूझना पड़ा। क्योंकि उस समय साउथ अफ्रीका में रंग के आधार पर भेदभाव किया जाता था। नेल्सन मंडेला में बचपन से कुशाग्र बुद्धि Intelligent के साथ साथ उनमें नेतृत्व Leadership की क्षमता थी।


◆नेल्सन मंडेला का शैक्षिक जीवन -

 नेल्सन मंडेला की प्राम्भिक शिक्षा Primary Education क्लर्कबेरी मिशनरी स्कूल एवं स्नातक शिक्षा हेल्डटाउन में हुई थी। हेल्डटाउन अश्वेतों के लिये बनाया गया विशेष कॉलेज था।


◆नेल्सन मंडेला के जीवन से जुड़े किस्से जिससे उन्हें प्रेरणा मिली -

◆प्रथम किस्सा:- 

यह था कि जब नेल्सन मंडेला वकालत करने के बाद सिडेल्स्की एडिलमैन कंपनी मैं बतौर वकील कार्य कर रहे थे तो उस कंपनी में एक टाइपिस्ट उन्होंने mandela से कहा कि यहाँ अश्वेत स्वयं चाय लेते हैं और आपके लिए नए कप की भी ब्यवस्था की गई है।
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◆दूसरा किस्सा:- 

 दूसरा किस्सा भी इसी कंपनी में घटा इसी कंपनी में एक अन्य श्वेत लेडीज टाइपिस्ट थी जो खाली समय में मंडेला से कुछ काम ले लेती  थी अथवा मंडेला के काम में मदद करती थी। एक बार वह श्वेत टाइपिस्ट मंडेला से कुछ बातें कर रही थी तभी वहाँ एक अंग्रेज अफसर  आया और उस अंग्रेज अफसर को देखकर श्वेत टाइपिस्ट घबरा गई क्योंकि उस समय श्वेत लेडीस white Ladies का अश्वेत व्यक्तियों से बात करना भी उचित नहीं माना जाता था इसलिए उस श्वेत टाइपिस्ट लेडीस ने मंडेला Mandela को पैसे देकर कुछ सामान लेने के लिए कहा जिससे वहाँ आये गोरे अंग्रेज को लगा कि वह लेडिस मंडेला Nelson Mandela  से बात नहीं कर रही बल्कि उससे काम करवा रही है।
  
     इन दो घटनाओं से मंडेला को यह अनुभव हो गया कि दक्षिण अफ्रीकी South Africa समाज में रंगभेद की कुरुति की जड़ें बहुत मजबूत हो गई हैं और यहां अश्वेत लोगों के साथ बहुत बुरा बर्ताव किया जाता है।


◆नेल्सन मंडेला का राजनीतिक जीवन -

नेल्सन मंडेला अब्राहम लिंकन व  मार्टिन लूथर किंग के विचारों को मानते थे तथा गांधी की अहिंसावादी नीति ने उन्हें काफी प्रभावित किया। मंडेला अपने कॉलेज कैम्पस से ही राजनीतिक सभाओं में भाग लेते थे मंडेला की क्रांतिकारी नीति से उनका परिवार चिंतित होने लगा था और उन्होंने मंडेला का विवाह कराकर जिम्मेदारियों में बांधने की कोशिश की लेकिन 1941 में नेल्सन मंडेला Nelson Mandela घर से भागकर जोहान्सबर्ग चले गये जहां उनकी मुलाकात वाल्टर सीसुलू और वाल्टर एलबर्टाइम से हुई। इन दोनों का मंडेला की राजनीतिक Politics life जीवन में बहुत महत्वपूर्ण योगदान व प्रभाव रहा । रंग के आधार पर भेदभाव को दूर करने के लिए मंडेला ने संघर्ष शुरू किया ।

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        1944 मैं नेल्सन मंडेला व उनके साथियों ने अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस यूथ लीग की स्थापना की। 1947 में मंडेला को इस लीग का सचिव चुना गया ।1951 में उन्हें लीग का अध्यक्ष बनाया गया। मंडेला की लोकप्रियता व उनको समर्थन देने वालों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही थी इसे देखकर 1961 में मंडेला व उनके साथियों पर देशद्रोह का आरोप लगाया गया और मुकदमा चला लेकिन इसमें वे निर्दोष पाए गये।
नेल्सन मंडेला का आंदोलन धीरे धीरे बढ़ रहा था जिसे देख कर सरकार ने आंदोलन को रोकने की हरसंभव कोशिश की । 

       1964 में मंडेला को उम्र कैद की सजा सुना दी गई लेकिन उन्होंने फिर भी अपना आंदोलन जारी रखा। 1989 में साउथ अफ्रीका में सत्ता परिवर्तन हुआ और उग्रवादी नेता f.w. क्लार्क देश के मुखिया बने। उन्होंने अश्वेतों पर लगे सभी प्रतिबंध हटा दिए तथा सभी कैदियों को भी रिहा कर दिया गया । 1990 को मंडेला 27 साल बाद जेल से बाहर आए और पूरी तरह से आजाद हो गए। 1994 में साउथ अफ्रीका में लोकतांत्रिक चुनाव में नेल्सन मंडेला की पार्टी अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस ने जीत दर्ज की तथा 16 मई 1994 को नेलसन मंडेला साउथ अफ्रीका के प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति बने।


◆नेल्सन मंडेला का निधन :-

5 दिसंबर 2013 को 95 वर्ष की उम्र में नेल्सन मंडेला का निधन हो गया। इसी के साथ विश्वनी एक ऐसे महानायक को खो दिया जिसने संसार को बिना भेदभाव के रहकर शांत से मिलजुल कर रहना सिखाया।


◆नेल्सन मंडेला के जीवन के मुख्य तथ्य -

(1).1990 में भारत ने नेल्सन मंडेला को भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया।

(2).1993 में नेलसन मंडेला को शांति के लिए नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया ।

(3).1994 में नेल्सन मंडेला साउथ अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने।

(4). नेलसन मंडेला Nelson Mandela  को साउथ अफ्रीका का गांधी Gandhi of South Africa कहा जाता है।
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