History Of Uttarakhand - उत्तराखंड प्रागैतिहासिक काल,आद्यऐतिहासिक काल एवं प्रमुख लेख - Uttarakhand Gk In Hindi

History Of Uttarakhand - उत्तराखंड प्रागैतिहासिक काल,आद्यऐतिहासिक काल एवं प्रमुख लेख - Uttarakhand Gk Hindi


 उत्तराखंड का इतिहास History Of Uttarakhand
1.प्रागेतिहासिक काल - स्रोत- पुरातात्विक स्रोत
2. आद्यएतिहासिक काल - स्रोत - धार्मिक स्रोत एवं अभिलेख
3.ऐतिहासिक काल -
  (i) प्राचीन काल (ii) मध्यकाल (iii) आधुनिक काल

                          प्रागेतिहासिक काल

प्रागेतिहासिक काल मे हमें मानव निवास की पुष्टि व उनके culture के बारे में जानकारी पुरातात्विक स्थलों से प्राप्त होती है जहाँ से हमें गुफा, शैलचित्र, कंकाल, मृदभांड ,धातु उपकरण आदि पुरातात्विक तत्वों से प्राप्त होते है

उत्तराखंड के पुरातात्विक स्रोत की खोज का श्रेय जाता है- हेनवुड(1856)

उत्तराखंड के प्रमुख पुरातात्विक स्थल-

उत्तराखंड के प्रमुख जिलों अल्मोड़ा, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ आदि में पुरातात्विक स्रोत मिले हैं।

1.अल्मोड़ा Almora -


1.लाखू उड़्यार(लाखू गुफा) -
खोज- 1963ई०            खोजकर्ता- डॉ महेश्वर प्रसाद
स्थिति - लाखू गुफा अल्मोड़ा के बाड़ेछीना के पास दलबैंड पर स्थित है
प्राप्त साक्ष्य - लाखू गुफा से मानव तथा पशुओं के चित्र प्राप्त हुए।

2.कसार देवी मंदिर-
  • यह मंदिर दूसरी शताब्दी का है। 
  • यह मंदिर अल्मोड़ा से 8 km दूर कश्यप पहाड़ी की चोटी ओर स्थित है। 
  • इस मंदिर से 14 नृतकों का सुंदर चित्रण प्राप्त हुआ। 

3.फलसीमा-
     फलसीमा से योग मुद्रा व नृत्य मुद्रा आकृति वाली मानव आकृतियां प्राप्त हुई

4.जाखन देवी मंदिर-अल्मोड़ा में स्थित जाखन देवी मंदिर यक्षों के निवास की पुष्टि करता है।


2.चमोली Chamoli -

1.गवारख्या गुफा-
  खोजकर्ता- राकेश भट्ट
   स्थित-   डुग्री गांव चमोली जिले के थराली तहसील में अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है

प्राप्त साक्ष्य- गवारख्या गुफा में मानव, भेड़, बारहसिंगा,लोमड़ी आदि रंगीन चित्र मिले हैं

2.मलारी गॉव - मलारी गांव चमोली जिले में स्थित है
मलारी गांव में 5.2 किलो सोने का मुखावरण, नर कंकाल, मिट्टी के बर्तन आदि अवशेष मिले
मलारी गांव में इन अवशेष की खोज गढ़वाल विश्विद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा 2002 में की गयी

3.किमनी गॉव - किमनी गांव चमोली के थराली के पास स्थित है
यहां हल्के सफेद रंग के चित्रित हथियार व पशुओं के शैल चित्र मिले

3.उत्तरकाशी Uttarkashi -

हुडली- यहां नीले रंग के शैल चित्र प्राप्त हुए

4.पिथौरागढ़ Pithoragarh - 

पिथौरागढ़ के बनकोट क्षेत्र में 8 ताम्र मानवाकृति प्राप्त हुई


                              आद्यएतिहासिक काल

प्रमुख स्रोत - धार्मिक ग्रंथ अभिलेख

वेद-

  • वेद चार है-ऋग्वेद,यजुर्वेद, सामवेद,अथर्ववेद। 
  • सबसे पुराना वेद ऋग्वेद व नवीनतम वेद अथर्ववेद है। 
  • उत्तराखंड का सर्वाधिक उल्लेख ऋग्वेद में है। 
  • ऋग्वेद में उत्तराखंड को देवभूमि व मनीषियों की पूर्ण भूमि कहा गया है। 
  • ऋग्वेद के अनुसार प्रलय के बाद इस क्षेत्र के प्राणा ग्राम में सप्तऋषियों ने अपने प्राणों की रक्षा की थी और यहीं से पुनः सृष्टि प्रारम्भ हुई। 

ब्राह्मण ग्रन्थ-

  • ब्राह्मण ग्रन्थ यज्ञों तथा कर्मकांडों के विधान और इनकी क्रियाओं को समझने के लिएआवश्यक होते हैं। इनकी भाषा वैदिक संस्कृति है। 
  • ये पद्य में लिखे गये है। 
  • प्रत्येज वेद के ब्राह्मण ग्रन्थ होते हैं। 
  • एतरेव ब्राह्मण ऋग्वेद का ब्राह्मण ग्रन्थ है। 
  • एतरेव ब्राह्मण ग्रन्थ में इस क्षेत्र के लिये उतर कुरु शब्द का प्रयोग किया गया। 
  • सबसे प्रचीन ग्रन्थ शतपथ ब्राह्मण ग्रन्थ है  यह शुक्ल यजुर्वेद का ब्राह्मण ग्रन्थ है।


पुराण 
पुराण 18 हैं जिनमे सबसे बड़ा पुराण स्कंद पुराण है व सबसे पुराना पुराण मत्स्य पुराण है


स्कंद पुराण-

  • स्कंद पुराण में 5 हिमालयी खंडो (नेपाल, मानसखंड, केदारखंड, जालंधर, कश्मीर) का उल्लेख है। 
  • गढ़वाल क्षेत्र को स्कंद पुराण में केदारखंड व कुमाँऊ क्षेत्र को मानसखंड कहा गया है। 
  • स्कंद पुराण में कुमाँऊ के लिये कुर्मांचल शब्द का उल्लेख मिलता है। 
  • कांतेश्वर पर्वत(कानदेव) पर भगवान विष्णु ने कुर्मा या कच्छपावतार लिया इसलिए कुमांऊ क्षेत्र को प्राचीन में कुर्मांचल के नाम से जाना जाता था। 
  • बाद में कुर्मांचल को ही कुमाँऊ कहा गया। 


ब्रह्मपुराण, वायुपुराण -

ब्रह्मपुराण व वायुपुराण के अनुसार कुमाँऊ क्षेत्र में किरात,किन्नर, यक्ष ,गंधर्व ,नाग आदि जातियों का निवास था।

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History of Uttarakhand

महाभारत -  

  • महाभारत के वनपर्व में राजा विराट का उल्लेख मिलता है जिसकी राजधानी विराट गढ़ी थी। 
  • महाभारत के वनपर्व में हरिद्वार से केदारनाथ तक के क्षेत्रों का वर्णन मिलता है उस समय इस क्षेत्र में पुलिंद व किरात जातियों का अधिपत्य था। 
  • पुलिंद राजा सुबाहु जिसने पांडवों की और से युद्ध मे भाग लिया था कि राजधानी श्रीनगर थी। 
  • महाभारत के वनपर्व में लोमश ऋषि के साथ पांडवों के इस क्षेत्र में आने का उल्लेख है । 


रामायण-

  • टिहरी गढ़वाल की हिमयाण पट्टी में विसोन नामक पर्वत पर वशिष्ट गुफा, बशिष्ठ आश्रम, एबं वशिष्ट कुंड स्थित है। 
  • श्री राम के वनवास जाने और वशिष्ठ मुनि ने अपनी पत्नी अरुंधति ने यहीं निवास किया था।
  • तपोवन टिहरी गढ़वाल जिले में स्थित है जहां लक्ष्मण ने तपस्या की थी
  • पौड़ी गढ़वाल के कोट विकासखंड में सितोन्सयूं नामक स्थान है इस स्थान पर माता सीता पृथ्वी में समायी थी।
  • इसी कारण कोट ब्लॉक में प्रत्येक वर्ष मनसार मेला लगता है।


अभिज्ञान शंकुतलम-

  • अभिज्ञान शंकुतलम की रचना कालिदास ने की। 
  • प्राचीन काल मे उत्तराखंड में दो विद्यापीठ थे- बद्रिकाश्रम एवं कण्वाश्रम। 
  • कण्वाश्रम उत्तराखंड के कोटद्वार से 14 km दूर हेमकूट व मणिकूट पर्वतों की गोद मे स्थित है। 
  • कण्वाश्रम में दुष्यंत व शकुंतला का प्रेम प्रसंग जुड़ा है शकुंतला ऋषि विश्वामित्र तथा स्वर्ग की अप्सरा, मेनका की पुत्री थी। 
  • शकुंतला व दुष्यंत का एक पुत्र हुआ भरत जिनके नाम पर हमारे देश का नाम भारत पड़ा। 
  • इसी कण्वाश्रम में कालिदास ने अभिज्ञान शाकुंतलम की रचना की। 
  • कण्वाश्रम मालिनी नदी के तट पर स्थित है। 
  • वर्तमान में यह स्थान चौकाघाट के नाम से जाना जाता है। 


मेघदूत

कालिदास द्वारा रचित मेघदूत के अनुसार अल्कापुरी कुबेर की राजधानी थी


प्रमुख मन्दिर-

जाखन देवी मंदिर - अल्मोड़ा के जाखन देवी मंदिर से यक्षों के निवास की पुष्टि हुई

बेनिनाग मंदिर- पिथौरागढ़ के बेनिनाग मन्दिर से कुमाऊँ क्षेत्र से नाग जातियों की पुष्टि हुई
उत्तराखंड के कुमाँऊ क्षेत्र में बहुत से नाग मन्दिर(बेनिनाग, कालीनाग, पिंगलनाग,बासुकिनाग आदि) स्थित है जो कि प्राचीन काल मे नाग जातियों के निवास की पुष्टि करते हैं

प्रमुख लेख -

कालसी शिलालेख-
  • अशोक ने 257 ई .पू एक अभिलेख कालसी में स्थापित किया । 
  • कालसी देहरादून के उत्तर में टोंस व यमुना नदी के संगम पर स्थित है। 
  • यह अभिलेख पालिभाषा में था। 
  • इस अभिलेख में अशोक द्वारा यह घोषणा की गयी है कि उसने अपने राज्य में हर स्थान पर मनुष्यों व पशुओं की चिकित्सा की व्यवस्था कर दी है और साथ ही साथ इसमें लोगों से हिंसा त्यागने तथा अहिंसा को अपनाने की बात भी कही गयी है।

राजकुमारी ईश्वरा का लाखामण्डल शिलालेख-
  • देहरादून के जौनसार-बाबर स्थित लाखामण्डल से राजकुमारी ईश्वरा का शिलालेख प्राप्त हुआ । 
  • राजकुमारी ईश्वरा के पिता का नाम भास्कर वर्मन था। 
  • इनके पति जालंधर के राजकुमार चन्द्रगुप्त थे। 
  • इस शिलालेख से यदुवंशी यादवों के राज्य की पुष्टि हुई। 



History Of Uttarakhand - उत्तराखंड प्रागैतिहासिक काल,आद्यऐतिहासिक काल एवं प्रमुख लेख - Uttarakhand Gk Hindi से संबन्धित म्हत्वपूर्ण MCQ -



Q1- ग्वारख्या गुफा चमोली के कौन से गाँव मे स्थित है-
A.थराली
B.डुग्री गांव
C. किमनी गांव
D.इनमें से कोई नहीं

Ans-B


Q2-प्रसिद्ध गुफा शैल चित्र स्थल ' लाखूओडयार ' स्थित है
(a) पौढ़ी में
( b ) अल्मोड़ा में
( c ) चमोली में
( d ) नैनीताल में

Ans-B



Q3-उत्तराखण्ड के सम्बंध में प्रथम लिखित उल्लेख
 ( a ) ऋग्वेद में
(b) सामवेद में
( c ) पुराणों में
( d ) ब्राह्मण ग्रंथों में

Ans-a




Q4-गढ़वाल के लिए केदारखण्ड ' व कुमाऊँ के लिए ' मानसखण्ड ' शब्द का उल्लेख है
( a ) ऐतरेव ब्राह्म में
( b ) स्कन्दपुराण में
( c ) महाभारत में
( d ) ऋग्वेद में

Ans-b


Q5-पुराणों के अनुसार मानव के आदि पूर्व ' मनु ' का निवास और धन के देवता कुबेर की राजधानी बद्रिका आश्रम के पास किस स्थान पर थी ?
( a ) माणा
( b ) जोशीमठ
( c ) अल्कापुरी
( d ) पाण्डुकेश्वर

Ans-C

Q6- गढ़वाल क्षेत्र के सितोन्सयूं में सीता माता पृथ्वी में समायी थी यह स्थान कौन से जिले में है-
A.पौड़ी
B.रुद्रप्रयाग
C.टिहरी
D.चमोली

Ans-A

ब्याख्या-



Q7-किस ग्रंथ में उत्तराखण्ड के लिए उत्तर - कुरू शब्द प्रयुक्त किया गया है ?
( a ) तैत्तिरीय ब्राह्मण
( b ) ऐतरेय ब्राह्मण
( c ) शतपथ ब्राह्मण
( d ) इनमें से कोई नहीं

Ans-b





Q8-तपोवन में किसने तपस्या की थी ?
( a ) राम ने
( b ) लक्ष्मण ने
( c ) भरत ने
( d ) कपिल ने

Ans-b

Q9- कुमाऊँ क्षेत्र का नाम कुमाऊँ कांतेश्वर नामक पर्वत के कारण पड़ा यह पर्वत स्थित है-
A.पिथौरागढ़
B.बागेश्वर
C.अल्मोड़ा
D.चंपावत

Ans-D


Q10- किस पुराण के अनुसार कुमाँऊ क्षेत्र में किरात, यक्ष, किन्नर, गंधर्व, नाग आदि जातियों के निवास की पुष्टि हुई-
A.ब्रह्मपुराण
B.शिवपुराण
C.विष्णुपुराण
D. स्कन्दपुराण

Ans-A


Q11- दुष्यन्त और शकुन्तला का प्रेम प्रसंग जुड़ा है -
( a ) कालीमठ से
( b ) केशोरायमठ से
( c ) कण्वाश्रम से
 ( d ) कोटद्वार से

Ans-c
ब्याख्या-


Q12-महाभारत अनुसार राजा विराट की राजधानी थी
( a ) देवप्रयाग
( b ) जोशीमठ
( c ) श्रीनगर
( d ) विराटगढ़ी

Ans-d



Q13- प्रसिद्ध नाग मंदिर बेनिनाग उत्त के किस जिले में स्थित है-
A.अल्मोड़ा
B.पिथौरागढ़
C.बागेश्वर
D.चंपावत

Ans-B
ब्याख्या-



Q14- निम्न में से कौन सा मन्दिर यक्षों के निवास की पुष्टि करता है-
A.जागेश्वर मंदिर
B.त्रिपुरा देवी मंदिर
C.जाखन देवी मंदिर
D.कसार देवी मंदिर

Ans-C





Q-15 वशिष्ट गुफा व वशिष्ट कुण्ड स्थित है
( a ) चमोली में
 ( b ) उत्तरकाशी
( c ) रूद्रप्रयाग में
( d ) टिहरी में

Ans-D

Q16- राजकुमारी ईश्वरा का शिलालेख कहाँ से प्राप्त हुआ-
A.अल्मोड़ा
B देहरादून
C.पिथौरागढ़
D.टिहरी

Ans-B


Q17-अशोक कालीन शिलालेख राज्य के किस स्थान से मिला है
( a ) श्रीनगर
( b ) केदारनाथ
 ( c ) कालसी
( d ) देहरादून

Ans-C



Q18- उत्तराखंड के कौन से गाँव मे 5.2 किलो का सोने का मुखावरण प्राप्त हुआ-
A.मलारी गांव
B.किमनी गांव
C.प्राण गांव
D.फलसीमा

Ans- A


Q19-उत्तराखंड के लिये हिमवंत शब्द प्रयुक्त किया गया-
A.जैन साहित्य में
B.ऋग्वेद में
C.बौद्ध साहित्य में
D.एतरेव ब्राह्मण

Ans-C

Q20- किस जाति के समय उत्तराखंड में बौद्ध मत का प्रचार-प्रसार अधिक हुआ-
A.कुषाण
B.खस
C.किरात
D.यक्ष

Ans-B

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