उत्तराखंड में ब्रिटिश शासन - उत्तराखंड में ब्रिटिश कमिश्नर Uttarakhand General Knowledge 2020

उत्तराखंड में ब्रिटिश शासन की शुरुआत 1815 से हुई जब सुदर्शनशाह ने अंग्रेजों को निमंत्रण दिया कि वे उत्तराखंड से गोरखाओं को भगायें। अंग्रेजो ने गोरखाओं को परास्त कर उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में शासन किया व सुदर्शनशाह को टिहरी रियासत के राजा बनाया Uttarakhand british shasan के अंतर्गत Kumaun kamishnari में एक कमिश्नर को नियुक्त किया जाता था। Kumaun kamishnari में Uttarakhand british sasan के 24 कमिश्नर हुए

उत्तराखंड में ब्रिटिश कमिश्नर

1.ई० गार्डनर (18151816)-
  •  कुमाँऊ के प्रथम कमिश्नर
  • पहला ब्रिटिश कालीन भूमि बंदोबस्त
  • अल्मोड़ा से श्रीनगर तक डाक व्यवस्था लागू की

2.जी डब्ल्यू ट्रेल (1816-1835)-
  • कुमाऊँ का प्रथम वास्तविक कमिश्नर
  • 1816 में सम्पूर्ण उत्तराखंड में डाक सेवा लागू की
  • 1816 में अल्मोड़ा जेल की स्थापना की
  • 1817 में दून को सहारनपुर में शामिल किया
  • 1819 में पटवारी पद का सृजन किया
  • 1821 में पौड़ी जेल की स्थापना की
  • 1822 में कुमाँऊ में आबकारी विभाग की स्थापना
  • 1823 में कुमाऊँ के 26 परगनों में विभाजित किया
  • विलियम ट्रेल के शासन काल मे अस्सीसाला भूमि बंदोबस्त किया गया
  • कुमाँऊ की सीमा का प्रथम बार निर्धारण

 उत्तराखंड में ब्रिटिश कमिश्नर Uttarakhand General Knowledge

3.कर्नल गोयन (1836-1838)-
  • दास प्रथा, बाल विक्रय व महिला विक्रय प्रथा का अंत किया व अपराध घोषित किया

4.लसिंगटन (1839-47)-
  • 1839 में कुमाँऊ कमिश्नरी का गठन किया जिसका मुख्यालय अल्मोड़ा था

5.जे०एन०बेटन (1848-56)-
  • 1854 में नैनीताल को कुमाँऊ कमिश्नरी का मुख्यालय बनाया गया
  • इनके शासन काल को कुमाँऊ कमिश्नरी का स्वर्ण काल भी कहा जाता है

6.हैनरी रैमजे (1856-84)-
  • हैनरी रैमजे स्कॉटलैंड का निवासी था और डलहौजी के चचेरे भाई थे
  • 1857 की क्रांति के समय कमिश्नर थे
  • इनके शासन काल को ब्रिटिश काल का स्वर्ण काल कहा जाता है
  • कुमाँऊ का बेताज बादशाह कहा जाता है
  • कुमाँऊ में राजा रामजी के नाम से प्रसिद्ध
  • कुमाँऊ के सबसे लोकप्रिय कमिश्नर थे
  • 1863 में बिकेट बंदोबस्त(10 वां भूमि बंदोबस्त) किया गया जिसमें पहली बार वैज्ञानिक पद्धति का प्रयोग किया गया

7.फिशर(1884-1885)-
8.एच०जी०रोस(1885-87)-
  • 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना हुई
  • 1887 में गढ़वाल राइफल की स्थापना हुई


9.जे०आर०ग्रिग(1887-1889)-
  • 1889 में हतियारों को रखने के लिए लाइसेंस नीति अपनाई

10.जी०ई० आर्सकिन(1889-92)-
  • 1891 में नैनीताल जनपद के गठन हुआ

11.डी० टी० गैबर्ट्स(1892-94)-

  • 1894 ई० में वन नीति लागू की
  • 1993 में मुक्तेश्वर में पशु अनु० संस्थान की स्थापना

12.
ई० ई० ग्रीज(1894-98)-

  • 1897 ई० में पहली बार पृथक उत्तराखंड प्रान्त की मांग महारानी विक्टोरिया के समकक्ष रखी गयी

13.
आर० ई० हैम्बलीन(1899-1902)-

उत्तराखंड में ब्रिटिश शासन - उत्तराखंड में ब्रिटिश कमिश्नर Uttarakhand General Knowledge 2020
उत्तराखंड में ब्रिटिश शासन
  • 1899-1900 ई० में दून में रेल का आगमन
  • 1901 ई० गढ़वाल यूनियन की स्थापना
  • 1902-1903 ई० नैनीताल जेल की स्थापना

उत्तराखंड में ब्रिटिश शासन

14.ए० एम० डब्ल्यू सेक्सपियर(1903-05)-

  • उत्तराखंड का प्रथम गढ़वाली समाचार पत्र का प्रकाशन 1905 ई० में हुआ

15.
जे० एम० कैम्पबेल(1906-1913)-

  • 1906ई० ग्लोगी परियोजना का कार्य पूरा हुआ यह देश की सबसे पुरानी जल विद्युत परियोजना है
  • 1908 ई० कुली एजेंसी की स्थापना(जोधपुर सिंह नेगी द्वारा)
  • 1909 ई० में कुमाऊँ गवर्मेंट गार्डन की स्थापना हुई
  • 1912 ई० में अल्मोड़ा कांग्रेस की स्थापना
  • 1913 ई० में अल्मोड़ा में होमरूल लीग की स्थापना हुई

16.
पी विढ़म(1914-24)-

  • 1915 ई० में गांधी जी ने सर्वप्रथम हरिद्वार की यात्रा की
  • 1916 ई० में गांधी जी ने देहरादून की यात्रा की
  • 30 सितम्बर 1916 ई० में कुमाँऊ परिषद की स्थापना हुई
  • 1921ई० में कुली बेगार कुप्रथा का अंत हुआ
  • 1923 ई० में कुली एजेंसी की समाप्ति

17.
एन०सी० स्टिफ(1925-31)-

  • 1929ई० में नायक बालिका रक्षा कानून बना
  • 1929 ई० में गांधी जी ने कुमाँऊ की यात्रा की व हल्द्वानी,अल्मोड़ा ,बागेश्वर व कौसानी आदि स्थानों पर कई सभाएं की
  • 23 अप्रैल 1930 को पेशावर कांड हुआ
  • 30 मई 1930 ई० टिहरी रियासत में रंवाई कांड घटना घटित हुई

18.
एल०एम० स्टब्स(1931-33)
19.
एल० ओ० गोयन - 1933 - 35

20.
ए०डब्ल्यू इवटसन(1935-39)-

  • 1937 ई० में अल्मोड़ा के चनोदा नामक स्थान पर शांति लाल त्रिवेदी ने गांधी आश्रम की स्थापना की

21.
जी०एल०विवियन(1939-41)-

22.
टी०जे०सी०एक्टन (1941-43)-
 
भारत मे भारत छोड़ो आंदोलन

23.
डब्ल्यू०डब्ल्यू०फिनले (1943-47)-

24.
के०एल०मेहता (1947-48)-

  • कुमाँऊ का प्रथम भारतीय कमिश्नर
  • कुमाँऊ कमिश्नरी स्वंतत्र
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