टिहरी राज्य आन्दोलन | Uttarakhand Gk In Hindi - Uttarakhand Gk Questions In Hindi

Uttarakhand Gk In Hindi - टिहरी राज्य आन्दोलन ब्रिटिश शासन द्वारा उत्तराखण्ड के लोगों पर एवं टिहरी के राजा के अत्याचारों को देखते हुये टिहरी मे भी विद्रोह की आग भड़क उठी Uttarakhand Gk In Hindi की इस पोस्ट मे आपको टिहरी राज्य आन्दोलन के बारे में पूरी जानकारी मिलने वाली है कि किस प्रकार टिहरी की जनता ने अपने उपर हो रहे जुल्म के विरुद्ध में आन्दोलन किए ओर किस प्रकार टिहरी रियासत स्वतंत्रत हुयी।

   यदि हमारे द्वारा दी गई इस जानकारी से आपको कुछ सीखने को मिलता है तो आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों तक watsapp, Facebook जैसे सोशल मीडिया के माध्यम शेयर कर सकते हैं। 

टिहरी राज्य आन्दोलन - Uttarakhand Gk In Hindi

टिहरी रियासत:- उत्तराखंड में जब गोरखाओं का शासन चल रहा था तो प्रद्युम्न शाह के पुत्र सुदर्शनशाह शाह ने अंग्रेजों से मदद मांगी व 1815 में अंग्रेजों ने उत्तराखंड से गोरखाओं खदेड़ दिया लेकिन बदले में अंग्रेज सम्पूर्ण कुमाँऊ व गढ़वाल के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर देते हैं व सुदर्शनशाह को टिहरी रियासत के राजा घोषित करते हैं व सकलाना पट्टी के दो माफीदार शिवराम व काशीराम को सकलाना क्षेत्र सौंप देते हैं क्योंकि इन दोनों ने गोरखा युद्ध में अंग्रेजों की बहुत मदद की

शिवराम व काशीराम ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग करना शुरू किया व सकलाना की जनता से तरह- तरह के लगान व कर वसूलने लगे

यह भी पढ़े


अठुर विद्रोह(1851):- तिहाड़ कर के विद्रोह में सकलाना की जनता ने 1851 में एक विद्रोह किया जिसका नेतृत्व श्री बद्री सिंह असवाल ने किया इस विद्रोह को अठुर विद्रोह के नाम से जाना जाता है

1857 की क्रांति :- 1857 की क्रांति का टिहरी राज्य में कोई भी असर देखने को नहीं मिला

बारह आना बीसी भूमि ब्यवस्था(1861):- अठुर विद्रोह को देखकर तत्कालीन ब्रिटिश कुमाँऊ कमिश्नर हैनरी रैमजे 1861 में बारह आना बीसी भूमि ब्यवस्था लागू करता है।


वन-नीति(1927-28):- 
1927-28 में टिहरी राज्य सरकार ने एक नई वन नीति लागू की जिसमें वनों के लिये तरह-तरह के कानून बनाये गये जंगलो का सीमाकरण किया गया व इस सीमा के अंदर जानवरों व मनुष्यों का घुसना वर्जित था
लोगों से वन अधिकार छीन लिये रंवाई क्षेत्र में आने जाने वाले रास्ते, पशुओं को बांधने वाले छाने भी वन सिमा के अंतर्गत आ गये ।

अब जनता ने इस वन नीति का विरोध करना शुरू किया व राजा से इस संबंध में बात की की हमारे पशु कहाँ जाएंगे  तो राजा ने जवाब दिया"ढंगार में फेंक दो"

तिलाड़ी/रंवाई कांड:-
वन नीति पर राज्य सरकार की अनदेखी को देखते हुए 30 मई 1930 को यमुना के तट पर तिलाड़ी के मैदान में वन नीति का विरोध करने के लिये भीड़ इकट्ठा होती है इस निहत्थी भीड़ पर टिहरी के दीवान चक्रधर जुयाल गोली चलाने का आदेश देते हैं।

इस घटना को टिहरी का जलियांवाला बाग हत्याकांड कहा जाता है व चक्रधर जुयाल को टिहरी का जनरल डायर कहा जाता है।


टिहरी राज्य आन्दोलन - Uttarakhand Gk In Hindi


टिहरी राज्य आंदोलन में श्री देव सुमन की भूमिका:-
  • 1938 में दिल्ली में अखिल भारतीय पर्वतीय जन सम्मेलन का आयोजन हुआ इस सम्मेलन में बद्रीदत्त पांडे व श्री देव सुमन ने भाग लिया तथा2 पर्वतीय लोगों की समस्याओं को रखा
  • 1938 में श्रीनगर में जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में एक राजनीतिक सम्मेलन हुआ इसमें श्री देव सुमन ने पृथक राज्य की मांग रखी
  • 1938 में श्री देव सुमन ने गढ़देश सेवा संघ नामक संगठन बनाया बाद ने इसका नाम हिमालय सेवा संघ पड़ा
  • 1939 में श्री देव सुमन ने देहरादून में टिहरी राज्य प्रजामंडल की स्थापना की इसमें उनके साथी नागेंद्र सकलानी, भोलूदत्त, गोविंद भट्ट आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
  • 1941 को श्री देव सुमन को गिरप्तार कर लिया गया व कुछ समय पश्चात रिहा कर दिया गया
  • 27 दिसंबर 1943 को श्री देव सुमन को चंबाखाल में गिरफ्तार कर लिया गया व उन पर अनेक अत्याचार किये गये
  • 3 मई 1944 को कारावास में श्री देव सुमन ने आमरण अनशन की शुरुआत की
  • 25 जुलाई 1944 को 84 दिनों की भूखहड़ताल के बाद श्री देव सुमन की मृत्यु हो जाती है
  • 1947 ई० को मानवेन्द्र शाह शांति रक्षा अधिनियम लागू करता है

कीर्तिनगर आन्दोल(1948):- 1948 में कीर्तिनगर में विशाल रैली उमड़ पड़ती है इस भीड़ पर सैनिकों द्वारा गोली चलाई गयी इस आंदोलन में नागेंद्र सकलानी व भोलाराम शहीद हो जाते हैं
टिहरी रियासत का विलय:- 1 अगस्त 1949 को टिहरी रियासत का विलय भारतीय संघ में हो जाता है


Q1- इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कूली बेगार प्रथा को कब अवैध घोषित किया-
A.1901           B.1902
C.1903           D.1904

Ans-D

Q-2 अठुर विद्रोह का नेतृत्व किस ब्यक्ति ने किया-
A.श्री बद्री असवाल          B.जगजीत पांडे
C.हरगोविंद पंत             D.लाल सिंह मेहरा

Ans- A

Q3- बारह आना बीसी भूमि ब्यवस्था कब लागू हुई-
A.1860               B.1861
C.1865               D.1868

Ans-B

Q4- टिहरी का जलियांवाला बाग हत्याकांड कहा जाता है-
A.तिलाड़ी कांड           B.रंवाई कांड
C.A&B दोनों              D.इनमें कोई नहीं

Ans- C


Q5- उत्तराखंड में बेगार प्रथा मुख्यतः कितने प्रकार की थी-
A.1                     B.2
C.3                     D.4

Ans-C

Q6- अखिल भारतीय पर्वतीय जन सम्मेलन का आयोजन 1938 में कहा हुआ-
A.कोलकाता                   B.श्रीनगर
C.दिल्ली                         D.मुंबई

Ans- C

Q7- श्री देव सुमन ने टिहरी राज्य प्रजा मंडल की स्थापना कब की-
A.1938                  B.1939
C.1940                  D.1941

Ans- B



Q8- खच्चर सेना की स्थापना किस कुमाँऊ कमिश्नर ने की-
A.हेनरी रैमजे            B.ट्रेल
C.ई० गार्डनर            D.जे०एन०बेटन

Ans-B


Q9-लैंसडोन में कूली एजेंसी की स्थापना कब की गयी-
A.1910                 B.1912
C.1916                 D.1911

Ans- B

Q10- किस मंदिर में 1921 को 400 लोगों ने एक साथ बेगार न देने की शपथ ली 
A.बागनाथ मंदिर            B.हरु मंदिर
C.वीरणेश्वर मंदिर           D.चितई मन्दिर

Ans- B

Q11-श्री देव सुमन ने आमरण अनशन की शुरुआत कब की-
A.3 मई 1944             B.23 मई 1944
C.23 जुलाई 1944       D.25 जुलाई 1944

Ans-A

Q12- टिहरी रियासत में शांति रक्षा अधिनियम कब लागू किया गया-
A.1946                 B.1947
C.1948                D 1945

Ans- B


Q13- बारह आना बीसी भूमि ब्यवस्था किसने लागू की-
A.ट्रेल                B.हैनरी रैमजे
C.इवटसन         D.एच०जी०रोस

Ans-B



Q14- 'आज हमारे शरीर के प्रत्येक अंग पर कर लग गया है" यह कथन किसका था-
A.गढ़वाल समाचार             B.शक्ति समाचार
C.अल्मोड़ा अखबार            D.युगवाणी

Ans-C

Q-15 गढ़देश सेवा संघ नामक संघटन किसने बनाया-
A.जवाहर नेहरू             B.जगजीत पांडे
C.श्री देव सुमन               D.भोलाराम

Ans- C


Q-16 टिहरी रियासत में नई वन नीति कब लागू की गयी-
A.1926-27                B.1927-28
C.1930-31                D.1921-22

Ans- B


Q17- कुमाँऊ परिषद ने किस अधिवेशन में कूली बेगार प्रथा को बंद करने का प्रस्ताव रखा-
A.द्वितीय अधिवेशन             B.तृतीय अधिवेशन
C.चौथे अधिवेशन                D.पांचवें अधिवेशन

Ans- C

Q18- सन 1921 में कूली बेगार प्रथा समाप्त होती है उस समय अल्मोड़ा का तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर कौन था-
A.लोमश               B.बैकेट
C.डायबल             D.रॉबर्ट

Ans- C

Q19- श्री देव सुमन को चम्बाखाल से कब गिरफ्तार किया गया-
A.27 दिसंबर 1941           B.23 जनवरी 1942
C.27 दिसंबर 1943           D.3 मई 1944


Ans- C

Q20- कीर्तिनगर आंदोलन में निम्न में से कौन शहीद हुआ-
A.नागेंद्र सकलानी                B.भोलाराम
C.A&B दोनों                      D.इनमें कोई नहीं

Ans-C



मुझे उम्मीद है कि टिहरी राज्य आन्दोलन | Uttarakhand Gk In Hindi - Uttarakhand Gk Questions In Hindi के बारे में यह जानकारी आपको पसंद आयी होगी। उत्तराखंड में स्वतंत्रता आंदोलन के जैसे ही Uttarakhand Gk In Hindi की आपको बहुत सी पोस्ट JardhariClasses.Com में देखने को मिल जयेगी जिन्हें आप पढ़ सकते हैं।


टिप्पणी पोस्ट करें