746 Post In Uttarakhand & 149 पशुधन प्रसार अधिकारी - Latest Job In uttarakhand 2020

Latest Job In Uttarakhand : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 746 विभिन्न पदों पर आवेदन माँगे हैं जो की उत्तराखण्ड के युवाओं के लिए एक अच्छी खबर है Uttarakhand Job 2020 के इन पदों पर आवेदन करने से पहले इसके बारे में अच्छे से जान लें ।

[Updated] 4 Sep 2020 - जिन छात्रों ने भी पशुधन प्रसार अधिकारी एवं निरीक्षक रेशम के पदों के लिए Apply किया है उनके लिए यह अच्छी खबर है की अब इन पदों का Syllabus जारी कर दिया गया है अब आप लोग इसके आधार पर अपनी परीक्षा की तैयारी कर सकते है। इसका Syllabus आपको इसी पोस्ट के आखिर में हिन्दी और English दोनों भाषाओं में मिल जाएगा ।

746 Data Entry Operator, Telephone Operator, Tax Collector Posts In UKSSSC


Organization Name UKSSSC
Post Name 1. पशुधन प्रसार अधिकारी
(पशुधन विस्तार अधिकारी) - 120
2. ओवरसियर (निरीक्षक / प्रदर्शक)
(रेशम) - 26
3. निरीक्षक (रेशम) - 03
Total Vacancy 149
Opening Date 13-06-2020
Closing Date 07-07-2020
Age Limit (Age on July 2020) Min. Age 21 Year Max. Age 42
Year ( Post 1 & 3 )
 Min. Age 18 Year Max. Age 42
Year  ( Post 2 )
Application Mode Online
Application Fees GEN/OBC/ - Rs. 300 SC/ST/EWS - Rs. 150
Education Qualification
12th Pass / Graducation
 detail
on Official Notification
Selection Process Written test & Interview
चयन प्रक्रिया की सम्पूर्ण
जानकारी के लिए नीचे Official Notification जरूर चेक करें।
Pay Scale 29200 - 112400/INR
Date Of Examination Coming Soon
Answer Key Coming Soon
Result Declaration Coming Soon

Important Link
Apply Now
हमारे द्वारा आप तक यह जानकारी पहुँची है अब आपका काम है कि इस पोस्ट को अपने दोस्तों तक watsapp, Facebook जैसे सोशल मीडिया के माध्यम शेयर जरूर करें जिससे उत्तराखण्ड के हर युवा तक यह जानकारी पहुँच सके ।

149 पशुधन प्रसार अधिकारी Post

Uttarakhand Jobs 2020 : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 149 पशुधन प्रसार अधिकारी एवं अन्य दो पदों पर आवेदन माँगे हैं जो की उत्तराखण्ड के युवाओं के लिए एक अच्छी खबर है Uttarakhand Job 2020 के इन पदों पर आवेदन करने से पहले इसके बारे में अच्छे से जान लें ।


  Organization Name
UKSSSC
 Post Name1. पशुधन प्रसार अधिकारी
(पशुधन विस्तार अधिकारी) - 120
2. ओवरसियर (निरीक्षक / प्रदर्शक)
(रेशम) - 26
3. निरीक्षक (रेशम) - 03
 Total Vacancy   149
 Opening Date 13-06-2020
 Closing Date 07-07-2020
 Age Limit(Age on July 2020) Min. Age 21 Year Max. Age 42
Year ( Post 1 & 3 )
 Min. Age 18 Year Max. Age 42
Year  ( Post 2 )
 Application Mode Online
 Application Fess GEN/OBC/ - Rs. 300
 SC/ST/EWS - Rs. 150
  Education Qualification 12th Pass / Graducation
 detail
on Official Notification
  Selection Process Written test & Interview
चयन प्रक्रिया की सम्पूर्ण
जानकारी के लिए नीचे Official Notification जरूर चेक करें।
  Pay Scale 29200 - 112400/INR

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 पाठ्यक्रम पशुधन प्रसार अधिकारी/अधिदर्शक/प्रदर्शक रेशम/निरीक्षक रेशम

 

1. कोशिका विज्ञान और MOLECULAR BIOLOGY: -सेल सरंचना, सेल सिंद्धांत, प्रोकैरियोटिक और यूकेरियोटिक सेल, कोशिका भित्ति, कौशिक झिल्ली और कोशिकांग, सेल साइकल और सेल डिवीजन, क्रोमैटिन, आनुवंशिक पदार्थ ,न्यूक्लिक एसिड, डीएनए की संरचना और आरएनए, डीएनए रिप्लीकेशन, डीएनए फ़िंगरप्रिंटिंग, जीनोम और मानव जीनोम परियोजना, जेनेटिक कोड, जीन की संरचना, ऑन्कोजीन, प्रोटीन संश्लेषण।


2.सूक्ष्मजीवविज्ञानी:
 सूक्ष्मजीवों का वर्गीकरण, बैक्टीरिया, बैक्टीरिया का एक लेटिक चक्र,
 विषाणु, विषाणु रोग;  बैक्टीरियोफेज, संक्रमण, परिवर्तन और संयुग्मन,
मानव स्वास्थ्य और रोग (एड्स, निमोनिया, सामान्य सर्दी जुकाम, मलेरिया, टाइफाइड, एस्कारियासिस, फलेरियासिस,Ambassis रिंग वर्म, कैंसर) प्रतिरक्षा, ड्रग्स और अल्कोहल का दुरुपयोग, एंटिबायोटिक्स।

3. पादप जगत- 
सामान्य विशेषताओं, संरचना, वर्गीकरण, नामकरण, प्रजनन, आर्थिक महत्व( शैवाल, लाइकेन,कवक, ब्रायोफाइटा, टेरीडोफाइटा,जिमनोस्पर्म,एंजियोस्पर्म)

4. जन्तु जगत- 
नामकरण, जाति,कॉर्डेट्स व नॉन - कॉर्डेट्स का वर्गीकरण

5. एनोटॉमी(शारीरिकी)- 
फ्लॉवरिंग प्लांट की शारीरिकी, ऊतक और ऊतक प्रणाली, जड़ , तना व पत्ती की शारीरिकी संरचना,
पादपों में द्वितीयक वृद्धि, anomalous secondary growth ,

जंतुओं में संरचनात्मक संगठन-
जन्तु ऊतक, अंग और अंग प्रणाली,शारिरिक रचना और कार्य (एनिलिडा(केंचुआ), Insect(तिलचट्टा),उभयचर (मेंढक)

6.MORPHOLOGY-
Plant Morphology:-
पौधे की सरंचना, जड़, तना, पत्ती, पुष्पक्रम, फूल, फल, बीज, फूलों के डायग्राम, और पुष्प सूत्र (Fabaceae, Solanaceae, Lillaceae)

Animal Morphology:- एनिलिडा (केंचुआ) कीट (तिलचट्टा) उभयचर (मेंढक)।

7 .प्रजनन(Reproduction)-
पादप- असेक्सुअल और सेक्शुअल रिप्रोडक्शन, फूल की संरचना, माइक्रोस्पोरोजेनेसिस, मेगास्पोरोजेनेस, परागण, Fertilization, डायकोट और मोनोकॉट के भ्रूण का विकास, बीज व फल,
मानव प्रजनन- नर प्रजनन ,मादा प्रजनन, गैमेटोजेनेसिस, मासिक धर्म, Fertilization,implementation,, भ्रूण का विकास, गर्भावस्था,
प्रजनन स्वास्थ्य: जनसंख्या और व नियंत्रण, गर्भनिरोधक और गर्भावस्था (एमटीपी), यौन संचारित रोग (एसटीडी) और बांझपन

8 पादप कार्यिकी-
 Diffusion (प्रसार), Osmosis (परासरण), पानी का अवशोषण, सक्रिय अवशोषण, अंतः-शोषण(immbition), वाष्पोत्सर्जन,वाष्पोत्सर्जन की दर को प्रभावित करने वाले कारक, स्टोमेटा के खुलने और बंद होने की क्रियाविधि, खनिज पोषण, खनिजों की कमी, खनिजों की कमी के लक्षण, Translocation of solute, ascent of SAP, प्रकाश संश्लेषण, प्रकाश संश्लेषण और श्वसन की दर को प्रभावित करने वाले कारक, C3, C4, CAM. चक्र,photorespiration, photopredioism, vernaisation,


9.मानव शरीर कार्यिकी-
पाचन और अवशोषण, श्वास व गैसों का आदान-प्रदान, शरीर के तरल पदार्थो का प्रसार, उत्सर्जक उत्पाद , लोकोमोशन व Movement,, तंत्रिका नियंत्रण और समन्वय, chemical coordination and integration ,

10-BIOMOLECULES(जैविक अणु)-
 प्राथमिक और माध्यमिक मेटाबोलिट्स, Biomacromolecule, प्रोटीन, पॉलीसैकेराइड, न्यूक्लिके एसिड, प्रोटीन की सरंचना, nature of bonds llnking monomers In a polymer, dynamic state of body constituents, विटामिन, Consept of metabolism (उपापचय),metabolic basis for living being, the living state,एंजाइम

11.आनुवंशिकी और जैव प्रोधोगिकी (बायोटेक्नोलोजी): -
मेंडल के नियम, एक जीन का वंशानुक्रम, दो जीनों का वंशानुक्रम, वंशानुक्रम का गुणसूत्र सिद्धांत, मेंडल के नियम से विचलन (जीन इंटरेक्शन, Incomplete Dominance, Complete Dominance, Multiple alleles), जंतुओं में लिंग निर्धारण, Linkage and Crossing over, मानव में mendalian disorders,गुणसूत्र संबंधी विकार ,
जैव प्रौद्योगिकी (Biotenchology)के सिद्धांत, Recombinant DNA (rDNA, Application in health and agriculture, आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) जीव

12 पारिस्थितिकी:-
 पारिस्थितिकी और पर्यावरण (परिभाषा, Scope और शाखाएं), पारिस्थितिकी तंत्र की अवधारणा: पारिस्थितिकी तंत्र के घटक, संरचना और Function, पारिस्थितिकी तंत्र के प्रकार। पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा प्रवाह,पारिस्थितिक पिरामिड, प्राथमिक और माध्यमिक उत्पादकता की अवधारणा। Ecoton, Ecotype and edge effect, Ecosystems Services,

13.Organisms and population( जीव और जनसंख्या)-
जीव और उसका वातावरण, मानव कल्याण में सूक्ष्म जीव(घरेलू उत्पाद, Industrlal उत्पादों, सीवेज उपचार,  बायोगैस उत्पादन, Biocantrol agent के रूप में सूक्ष्म जीव) जनसंख्या और पारिस्थितिक अनुकूलन, जनसंख्या वृद्धि और सहभागिता, बायो-जियोकेमिकल चक्र , भूमिका और महत्व,

14 . BIODIVERSITY(जैव विविधता)-
परिभाषा, जैव विविधता का विस्तार, Depletion,ex-situ and In- situ conservatlon, बायोस्फियर रिजर्व, नेशनल पार्क, Wlidlife Sanctuarles, Zoos, स्थानिक प्रजातियां, blodlversity हॉट स्पॉट, IUCN ,श्रेणी-लाल डेटा बुक, india में Blodiversity संरक्षण योजनाएं।

15.पर्यावरणीय प्रदूषण और Issue: 
वायु,जल, मिट्टी, ध्वनि और रेडियोएक्टिव प्रदूषण, प्राथमिक और माध्यमिक प्रदूषण, ग्रीन हाउस प्रभाव, ग्लोबल वार्मिंग, ओजोन depletion, अम्ल वर्षा,परिभाषा खतरे और नियंत्रण के उपाय।
चिपको आंदोलन, वनों की कटाई और वन रोपण, 
Degradation by Improper resource utlilzation and maintenance


16.पशुपालन-
फार्म एनिमल, पशुपालन
मवेशी, भैंस, भेड़, बकरी, मुर्गीपालन  नस्लें (स्वदेशी, विदेशी और संकर आवेग शामिल हैं)।  प्रजनन के तरीके, प्रजनन की प्रणाली, आधार और चयन के तरीके, पहचान, पशुधन विकास कार्यक्रम। कृषि और उद्योग में पशुपालन के महत्व,भारत मे सफेद क्रांति

17.पशुपालक और आवास: -
Common आहार और चारे के पोषक मूल्य, चारा सरंक्षण, आहार खिलाने के मानक।  Farm anlmals के लिये आवश्यक पोषक,मुर्गी पालन के लिये पोषण, Farm anlmals के लिए आवास।  आवास के प्रकार, Space requirements in animal house,देखभाल और प्रबंधन (पशु शरीर की संरचना और कार्य, दुधारू पशुओं का आवास प्रबंधन और मुर्गी पालन के आवास,दूध उत्पादन और अंडों का उत्पादन, रोग प्रबंधन और टीकाकरण, मुर्गी पालन प्रबंधन।

18.कृत्रिम निषेचन-
जुगाली और गैर-जुगाली करने वाले पशुओं की प्रजनन और पाचन प्रणाली)।  प्रजनन अंगों, संग्रह, Dilution और वीर्य का संरक्षण, कृत्रिम गर्भाधान, पशु गुणवत्ता सुधार में कृत्रिम निषेचन की भूमिका।

19.कृषि: -
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में कृषि की परिभाषा और Scope, फसल उत्पाद के सिद्धांत, जलवायु, बोने की तैयारी , सिंचाई और जल प्रबंधन, पोषण प्रबंधन, खरपतवार प्रबंधन, पौधों की सुरक्षा, फसल प्रणाली, कटाई, थ्रेशिंग और भंडारण।

20.Agriculture Crope:-
फलीदार फसलों का वर्गीकरण, फसलों की खेती- गेहूं, धान, कपास, ज्वार, बाजरा, मक्का, सोयाबीन, pigeon pea ,सरसों, सूरजमुखी, लोबिया, मूंगफली, चना, तम्बाकू, बरसेम,Lucerne, आलू और गन्ने की खेती।

21.मृदा-
Soil Profile और वर्गीकरण, फिजिकल and केमिकल प्रॉपर्टीज, मृदा पीएच, मृदा बनावट, सरंचना, tilth, fertillty and soil health, biofertllzer, organic nature of soil, common fertlizers, Inducing stralght, Farm yard manure (FYM), organic farming, green manuring, vermicompost.


22.बागवानी फसलें: -
सब्जियाँ (मूली, गाजर, आलू, फूलगोभी, बैंगन, टमाटर,प्याज, लहसुन और पत्तागोभी)
फल (आम, पपीता, केला, अमरूद, नींबू, अंगूर और लीची)
फूल (गुलाब ,गेंदे का फूल, ग्लेडियोलस ,Hibiscus, Crysanthemum, Buransh), फलों व सब्जियों के संरक्षक के सी सिद्धांत व तरीके, Prepration of jellies, जैम, ketchup, चिप्स और उनकी पैकिंग, सजावटी बागवानी और रसोई बागवानी की तैयारी।

23 .खरपतवार और कीट नियंत्रण: -
खरपतवार नियंत्रण के सिद्धांत, खरपतवार नियंत्रण के तरीके, Culture, mechanical, chemical, biological and integrated खरपतवार प्रबंधन, integrated pest प्रबंधन, हरित क्रांति
 



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