उत्तराखंड वन्य जीव एवं संरक्षण -- National Park, Uttarakhand Wildlife Sanctuary, Biosphere Reserves

Uttarakhand Wildlife Sanctuary - उत्तराखण्ड में विभिन्न प्रकार के वन्य जीव पाये जाते हैं लेकिन समय के साथ - साथ बहुत सारे जीव विलुप्त होते जा रहे हैं । इस समस्या के समाधान हेतु सरकार ने जीवों की सुरक्षा व सरंक्षण के लिए जैव सरंक्षित क्षेत्रों का निर्धारण किया है । जैसे राष्ट्रीय उद्यान, वन्य जीव अभ्यारण, बायोस्फियर रिजर्व । इस पोस्ट में उत्तराखण्ड के इन वन्य जैव सरक्षण क्षेत्रों के बारे में विस्तार से जानेंगे ।

उत्तराखंड वन्य जीव एवं संरक्षण-- National Park, Uttarakhand Wildlife Sanctuary, Biosphere Reserves
उत्तराखंड वन्य जीव एवं संरक्षण

वन्य जीव एवं संरक्षण


वन्य जीव सरक्षण क्षेत्रों को तीन भागो में बांटा गया है-
1.राष्ट्रीय उद्यान
2. वन्य जीव अभ्यारण
3.जैव मंडल आरक्षित क्षेत्र(बायोस्फियर रिजर्व)-


उत्तराखंड में स्थित राष्ट्रीय उद्यान



1.कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान:-

स्थापना:- 1936
स्थित- पोड़ी व नैनीताल
क्षेत्रफल:- 520.82 वर्ग KM
  • यह राष्ट्रीय उद्यान 1936 मैं हेली राष्ट्रीय उद्यान के नाम से स्थापित हुआ।
  • स्वंतंत्रता के बाद इस बार का नाम रामगंगा नेशनल पार्क व 1957 में पुनः बदलकर इसका नाम कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान रखा गया।
  • या उद्यान भारत का ही नहीं बल्कि एशिया का भी प्रथम राष्ट्रीय उद्यान है.।
  • इस बार का प्रवेश द्वार नैनीताल जनपद की ढिकाला में है ।
  • 1 अप्रैल 1973 को भारत में प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत इसी पार्क से हुई।
  • कार्बेट नेशनल पार्क भारत का पहला प्रोजेक्ट टाइगर (बाघ संरक्षित) पार्क घोषित किया गया।
  • प्रमुख जीव- बाघ, हाथी, तेंदुआ, हिरन, सांभर, मगरमच्छ, आदि।


2. गोविंद राष्ट्रीय उद्यान-

स्थापना- 1980
स्थित- उत्तरकाशी
क्षेत्रफल- 472 वर्ग Km
  • प्रमुख जीव- भूरा भालू, हिम तेंदुआ, काला भालू, कस्तूरी मृग, मोनाल, आदि।


3.नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान

स्थापना- 1982
स्थित- चमोली
क्षेत्रफल- 624 वर्ग Km
मुख्यालय- जोशीमठ
  • प्रमुख जीव- हिमालयन भालू, मोनाल, कस्तूरी मृग आदि।
  • नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान को 1988 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल किया गया।


4.फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान-
स्थापना- 1982
स्थित- चमोली
क्षेत्रफल- 87.5 वर्ग Km
मुख्यालय- जोशीमठ
  • फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान राज्य का सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान है
  • फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान को 2005 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल किया गया था।
  • फूलों की घाटी की खोज 1931 में फ्रैंक स्माइथ ने की।
  • फूलों की घाटी को स्कंद पुराण के केदारखंड में नंद कानन कहा गया है यह घाटी नर व गंधमादन पर्वतों के बीच स्थित है।
  • प्रमुख जीव- कस्तूरी मृग, गुलदार, भरल, हिमालयन भालू आदि।





5.राजाजी राष्ट्रीय उद्यान-

स्थापना-19983
स्थित-देहरादून, हरिद्वार, पोड़ी
क्षेत्रफल- 820.42 वर्ग Km
मुख्यालय- देहरादून
  • प्रमुख जीव:- हाथी शेर, टाइगर, नीलगाय, चीतल आदि।

6.गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान-
स्थापना-1989
स्थित-उत्तरकाशी
क्षेत्रफ़ल- 2390 वर्ग Km
  • गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान राज्य का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है।
  • प्रमुख जीव- हिम तेंदुआ, हिमालयन भालू, कस्तूरी मृग, भरल आदि।

 

Uttarakhand Wildlife Sanctuary - उत्तराखंड के वन्य जीव बिहार (अभ्यारण)



1.गोविंद वन्य जीव बिहार-
स्थापना- 1965
स्थित- उत्तरकाशी
क्षेत्रफल- 485 वर्ग Km
  • प्रमुख जीव- हिम बाघ(स्नो लैपर्ड), कस्तूरी मृग, गुलदार, कला व भूरा भालू , चकोर , गोल्डन ईगल, मोनाल आदि।

2.केदारनाथ वन्य जीव बिहार-
स्थापना- 1972
स्थित- चमोली-रुद्रप्रयाग
क्षेत्रफल- 957 वर्ग km
  • प्रमुख वन्य जीव - स्नो लैपर्ड,  हिमालयन भालू, कस्तूरी मृग, जंगली सुअर।
  • यह उत्तराखंड का सबसे बड़ा वन्य जीव विहार है ।

 

3.अस्कोट वन्य जीव बिहार-
स्थापना-1986
स्थित- पिथौरागढ़
क्षेत्रफल- 600 वर्ग km
  • वन्य जीव- स्नो लैपर्ड ,रीक्ष, कस्तूरी मृग, पहाड़ी तीतर, मोनाल आदि।
  • यहां सर्वाधिक कस्तूरी मृग(67) मिलते हैं।

 

4.सोनानदी वन्य जीव बिहार-
स्थापना- 1987
स्थित- पोड़ी गढ़वाल
क्षेत्रफल- 301 वर्ग Km
  • वन्यजीव- हाथी,शेर,गुलदार,सांभर,सियार, अजगर ,हॉर्नबिल आदि

 

5.बिनसर वन्य जीव बिहार-
स्थापना- 1988
स्थित- अल्मोड़ा
क्षेत्रफल- 47 वर्ग किमी
  • वन्य जीव- तेंदुआ, काला भालू, जंगली बिल्ली, जंगली सुअर, बांज, बुरांश, चीड़ आदि

 

6.मसूरी वन्य जीव बिहार-
स्थापना- 1993
स्थित- देहरादून
क्षेत्रफल- 11 वर्ग किमी
  • वन्य जीव- लंगूर, बंदर, सुअर, भालू ,गुलदार, तीतर, बटेर, चकोर आदि

 

7.नंधौर वन्य जीव बिहार-
स्थापना - 2012
स्थित- नैनीताल व चम्पावत
क्षेत्रफल- 269.95 वर्ग किमी
  • वन्य जीव- बाघ, लंगूर ,भालू आदि।


जैव मंडल आरक्षित क्षेत्र - Biosphere Reserves



नंदा देवी जैव मंडल आरक्षित क्षेत्र-
स्थापना- 1988
स्थित-चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़
क्षेत्रफल- 5860.6 वर्ग किमी
  • नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व में नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान व फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान शामिल हैं
  • नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान को 1988 में व फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान को 2005 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया।

 

यह भी जानें-

  • 1977 में महरूढ़ी में कस्तूरी मृग अनुसंधान केंद्र की स्थापना की गयी।
  • 1982 में कांचुला खर्क(चमोली) में कस्तूरी मृग प्रजनन एवं सरंक्षण केंद्र की स्थापना की गयी



मुझे उम्मीद है किउत्तराखंड वन्य जीव एवं संरक्षण के बारे में यह जानकारी आपको पसंद आयी होगी। उत्तराखंड के बारे में ऐसे ही Uttarakhand Gk In Hindi की आपको बहुत सी पोस्ट JardhariClasses.Com में देखने को मिल जयेगी जिन्हें आप पढ़ सकते हैं।





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