उत्तराखंड के प्रमुख त्योहार - Uttarakhand Festival In Hindi | Pahadi Tyohar

उत्तराखंड के प्रमुख त्योहार (Uttarakhand Festival In Hindi) - बात यदि उत्तराखंड की, की जा रही हो और उसमें त्योहारों की बात न हो तो फिर मजा नहीं है । देवभूमि अर्थात उत्तराखंड की धरती पर ऋतुओं के अनुसार अनेक पर्व मनाए जाते हैं, जो हमारी संस्कृति को उजागर करते हुये पहाड़ की परम्पराओं को आगे बढ़ाने का कार्य करती है ।

                 उत्तराखंड के त्योहार बहुत ही विशिष्ट हैं जो विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कारकों का मिश्रण हैं। इस लेख में आप जानेंगे उत्तराखंड के प्रमुख त्योहारों के बारे में जो कि आपकी प्रतियोगी परीक्षा की द्रष्टि से भी महत्वपूर्ण है ।


उत्तराखंड के प्रमुख त्योहार

1. मकर संक्रांति(घुघुतिया त्योहार)-
यह त्योहार कुमाऊँ क्षेत्र में माघ माह की 1 गते (जनवरी) को मनाया जाता है।
स्थानीय भाषा में घुघुतिया त्योहार या 'घुघुती' त्यार या 'काले-कौआ त्योहार भी' कहा जाता है।
इस त्योहार में आटे के घुघुत बनाये जाते हैं व बच्चे इन घुघुत को कोऔं को खिलाते हैं
पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसे 'खिचड़ी' त्योहार के रूप में मनाया जाता है।


2.घी-संक्राति(ओलगिया)-
यह त्योहार भादों(भाद्रपद) महीने की 1 गते(संक्राति) को मनाया जाता है।
इस दिन पूरे उत्तराखंड में घी खाना शुभ माना जाता है।
घी त्योहार फसल में बलिया लग जाने पर मनाया जाता है।


3.फूल संक्राति(फूलदेई)-
यह त्योहार चैत्र मास के 1 गते (हिन्दू वर्ष का प्रथम दिन) को मनाया जाता है।
इस दिन बच्चे घर घर जाकर देहरी पर फूलों को रखते हैं


4. बिखोती(विषुवत संक्राति)-
यह त्योहार बैशाख माह के प्रथम दिन मनाया जाता है।


5.हरेला त्योहार-
यह त्योहार श्रावण माह की पहली गते को मनाया जाता है।
हरेले से कुछ दिन पहले हरियाली डाली जाती है व 1 गते को हरियाली(हरेला) को काटकर देवी देवताओं को चढ़ाते हैं।

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उत्तराखंड के प्रमुख त्योहार

6. खतड़वा त्योहार-
यह त्योहार कुमाऊँ क्षेत्र में अश्विन माह की संक्राति को मनाया जाता है।
खतड़वा त्योहार को पशुओं का त्योहार या गो त्योहार भी कहा जाता है।
इस दिन लोग चीड़ व अन्य वृक्षों की शाखाओं को काटकर सुखी घास-फूस को इकठ्ठा किया जाता है जिसे 'खतडुवा' कहते हैं
एक गते को खतडुवा को जलाया जाता हैं


7.चैतोल त्योहार-
 इस त्योहार में चैत माह की अष्टमी को देवल देवता(शिव का अंश) की अर्चना की जाती है।


8.आँठू-
यह त्योहार भाद्रपद मास की सप्तमी व अष्टमी को मनाया जाता है।
इस त्योहार में चांचरी नृत्य का आयोजन किया जाता है।
इस त्योहार में गोरा-महोत्सव की पूजा की जाती है।


9.कलाई-
यह त्यौहार कुमाऊँ में फसल काटने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

10. जागड़ा त्योहार-
यह महासू देवता का त्योहार है।
यह भाद्र मास को मनाया जाता है।

11.नुणाई त्योहार-
यह त्योहार श्रावण मास में मनाया जाता है।
यह जौनसार बाबर क्षेत्र का प्रमुख त्योहार है।

12.भिरोली-
यह त्योहार संतान कल्याण हेतु मनाया जाता है।

13.दीपावली(बग्वाल) - 
 इस त्योहार में भैला-खेल खेला जाता है।
थारू जनजाति इसे शोक पर्व रूप में मनाया जाता है।

14.रक्षा बन्धन-
इस त्योहार को गांव में 'जन्मो-जन्यो' भी कहा जाता है।

14. बैसीं त्योहार

13. सारा त्योहार-








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